- उज्जैन में त्योहारों से पहले पुलिस का फ्लैग मार्च, टावर चौक से नीलगंगा तक निकला मार्च; होली, रंगपंचमी और रमजान के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
- महाकाल में तड़के भस्म आरती, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट: पंचामृत अभिषेक, रजत मुकुट-त्रिपुण्ड से दिव्य श्रृंगार; “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंजा मंदिर
- उज्जैन में मंदिर क्षेत्र के पास युवक से मारपीट: युवती के साथ होटल जा रहा था, बजरंग दल ने रोका; मोबाइल में अश्लील फोटो-वीडियो होने का आरोप, पुलिस ने जब्त किया फोन
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट: रजत मुकुट, त्रिपुण्ड और पुष्पमालाओं से सजे बाबा, “जय श्री महाकाल” से गूंजा परिसर
- एमपी बजट 2026-27: सिंहस्थ के लिए 13,851 करोड़ का प्रस्ताव, उज्जैन में 3,060 करोड़ के नए विकास कार्य; 4.38 लाख करोड़ के कुल बजट में सिंहस्थ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस
बिजासन माता का मंदिर
विंद्यवासिनी को बिजासन माता कहा जाता है । यह विंध्य पर्वत के आसपास के क्षेत्रो में या आर्यावत अथवा मध्य देश में विशेष पूजी जाती है। उज्जैन में इस प्रमुख देवी का मंदिर होना स्वाभाविक है । उज्जैन के देवास मार्ग पर नागझिरी के दक्षिण में और पुराने शहर के सिंहपुरी में बिजासन देवी का प्राचीन मंदिर है । इसी प्रकार गढ़कालिका के पास ओखलेश्वेर मार्ग पर भी बिजासन माता का प्राचीन स्थान है। यह उत्तर भारत की ऐसी सिद्ध देवी है जिनकी लोग बड़ी आस्था से पूजा करते है ।